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ये राइम्स किलकारी,खुशी,सुर,अरुणिमा,सौम्या,स्पर्श और देश के उन करोड़ों बच्चों के लिए जो महान कवियों की लिखी कविताओं और राइम्स पढ़कर बोर हो गए हैं। जिन कविताओं को उनके मम्मा-पापा ने याद किया,उन्हें भी वही सब याद करना पड़ता है,शिट्ट नो चेंज। बस चेंज के लिए। उम्मीद हैं उन्हें पसंद आएंगे ये राइम्स और कल से इसे याद करनी शुरु कर देंगे। चुलबुल पांडे इस्टाइल में बराक ओबामा की तस्वीर प्रकाश के रे की फेसबुक प्रोफाइल से उधार जिसे कभी नहीं लौटानी होगी।.

(1) शुरआती कविता

मामा आए,मामा आए
देखो मम्मी बराक ओबामा आए
नेता, मीडिया पलक बिछाए
जनता घी का दीया जलाए
कैसे हैं बराक ओबामा
पहले पूछे साथ क्या लाए

 हाथ जोड़े हैं नेता सारे,
 इंडिया आएं पर पाकिस्तान न जाएं
 मौसी देखो बराक ओबामा आए





(2)  ओबामा और नेता

मामा आए,मामा आए
मम्मा देखो बराक ओबामा आए
मनमोहन ताउ के लिए
ब्लू कलर की पगड़ी लाए
सोनिया आंटी के लिए भी
पेंटागन से साड़ी लाए
लालू अंकल के लिए देखो
इम्पोर्टेड खैनी-सूरती लाए
नीतिश चाचा के हाथ में अब्बी
 विकास सूत्री प्रोजेक्ट थमाए
आडवाणी दादू के लिए हिन्दुत्व मार्का भभूत लाए
कलमाडी अंकल के लिए भी
इट मोर डाइजेस्ट मोर पाचन चूर्ण लाए
शीला बुआ के लिए वाइपर लाए
साफ रहे दिल्ली,मंत्र बताए
मौसी देखो बराक ओबामा आए
...........................................
(3) ओबामा और मीडिया

मामा आए,मामा आए
मम्मा देखो बराक ओबामा आए
आजतक को अब नींद न आए,स्टार न्यूज को अल्सर छाए
एनडी की आंख चमक जाए,जी न्यूज अब चुप न रह पाए
ibn7 की आवाज कम हो जाए,आशुतोष का दहाड़ना छूट जाए
न्यूज24 को अपना दामाद बनाए, सहारा सहाराश्री से उपर बताए
हिन्दूस्तान लाल दरी बिछाए,दि हिन्दू संतुलन की बात दोहराए
इंग्लिश चैनल अपना सगा बताए,इंग्लिश-इंग्लिश कार्ड चमकाए
छुटभइया चैनल जंतर बनवाए,ओके उपर ओबामा नाम खुदवाए
मामा आए,मामा आए मौसी देखो
बराक ओबामा आए
.............................................
(4) ओबामा और एनजीओ

सरकार देश को चकमक दिखलाए
जीडीपी रिपोर्ट दिखलाए
एनजीओ बहती गंगा में हाथ धोवे खातिर
बराक ओबामा को सच दिखलाए
रोवें हैं बच्चे भूखे-नंगे,माताओं के आंसू न थम पाए
भूख,गरीबी,बेकारी ही देश का सच है
सो बतलाए
हाल दिखाए असली हिन्दुस्तान का ऐसा
मां कसम जो ओबामा को नींद फिर आ जाए
फाइव स्टार लगे नरक फिर,ओंठ से कोमल गद्दा चुभता जाए
देख के इस देश में दलिद्दर,
होश में आए ओबामा,अब कोमा में चल जाएं
गजनी बनकर मोटा फंड दे जाएं
मामा आए,मामा आए
मौसी देखो बराक ओबामा आए
..........................................
(5) ओबामा और जनता

जनता ने सुनी है बहुत कहानी
एक था राजा एक थी रानी
कभी शेरशाह,कभी कोई अकबर
कभी हुमायूं कभी चंद्रगुप्त
दौरे पर कैसे आते थे,
क्या खाते थे क्या पीते थे
कैसे वो जनता छूते थे
नहीं पता है,नहीं चखा है
सुनी-सुनाई में क्या रखा है..
अबकी बार ओबामा आए
अकबर,हुमायूं फिर याद आए
ऐसे ही आते होंगे वो भी
ऐसे ही जनता धन्य होती होगी
एक बार जो हाथ छू जाता होगी
महीनों फिर न हाथ धोती होगी
आए ओबामा,हम भी छुएं
तुम भी छुओ,सब कोई छुओ
फिर न धोना हाथ महीनों
बना रहे एहसास महीनों
मामा आए मामा आए
देखो मौसी बराक ओबामा आए।..


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4 Response to 'मामा आए- मामा आए,मम्मी देखो बराक ओबामा आए'
  1. Anand Rathore
    http://taanabaana.blogspot.com/2010/11/blog-post_7147.html?showComment=1289043306112#c774733804987352464'> 6 नवंबर 2010 को 5:05 pm

    obama bokhar tohka bhi chadh gaya hai...pagalaye rahe ho... uljulool bachchon ko sikha rahe ho.. kaune din chupe baitha karo...

     

  2. उस्ताद जी
    http://taanabaana.blogspot.com/2010/11/blog-post_7147.html?showComment=1289068205984#c8228220074892123012'> 7 नवंबर 2010 को 12:00 am

    00/10

    बेतुका / बकवास / व्यर्थ पोस्ट

     

  3. anjule shyam
    http://taanabaana.blogspot.com/2010/11/blog-post_7147.html?showComment=1289107107911#c7892539316620983600'> 7 नवंबर 2010 को 10:48 am

    जबरदस्त सर.....मामा को तो बन्दर मामा बना दिया आपने...अछी खिचाई..........

     

  4. रवि कुमार, रावतभाटा
    http://taanabaana.blogspot.com/2010/11/blog-post_7147.html?showComment=1289144914491#c7844478861785446997'> 7 नवंबर 2010 को 9:18 pm

    क्या बात है...
    मज़ा आया...अनोखी प्रस्तुति....

     

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