पैर रहते रेंगना बहुत मुश्किल होता है,जुबान रहते चुप रहना मुश्किल होता है, दिमाग रहते गलत-सही सब मान लेना मुश्किल होता है लेकिन मुश्किल नहीं होता कहना- कर लो जो करना है। हम अपनी लिखें और उन्हें जो जी में आए करने दें, आएं व्यवस्थित समाज के बीच बर्बर समाज बनाए, कुछ आप तोड़े, कुछ तोड़-फोड़ हम मचाएं-हां जी सर,हां जी सर कल्चर के खिलाफ बिगुल बजाएं..... हमें मेल करें-vineetdu@gmail.com

Thursday, June 25, 2009

संवादधर्मी टेलीविजन के जनकः एस.पी.सिंह की याद में


एस.पी.पर संगोष्ठी : आमंत्रण


भारत में आधुनिक टेलीविजन पत्रकारिता के जनक माने जाने वाले एस.पी.सिंह की 12 वीं पुण्यतिथि के मौके पर प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया में एक संगोष्ठी का आयोजन किया जा रहा है. इस अवसर पर मीडिया पर केंद्रित हिंदी की मासिक पत्रिका "मीडिया मंत्र" के जुलाई अंक का विमोचन भी किया जायेगा, जो कि एस.पी.सिंह पर केंद्रित है. संगोष्ठी में मीडिया जगत के जाने - माने लोग शामिल होंगे जो एस.पी से संबंधित अपने संस्मरणों को साझा करेंगे. इस अवसर पर आप सभी सादर आमंत्रित हैं.


स्थान : प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया, रायसीना रोड, नई दिल्ली
तिथि : 27 जून, 2009
दिन : शनिवार
समय : 3 बजे
संपर्क : 9999177575


एस. पी. सिंह जैसे लोग किसी सरजमीन पर कभी-कभी ही पैदा होते हैं - संजय पुगलिया, संपादक, आवाज

एस. पी. की हिंदी पत्रकारिता में जो देन है उसे शब्दों में नहीं बयां नहीं किया जा सकता. - कमर वहीद नकवी, न्यूज़ डायरेक्टर, आजतक

मैं एस.पी.की जिंदगी का अर्जुन कभी नहीं बन पाया - आशुतोष, मैंनेजिंग एडिटर, आईबीएन-७

एसपी निष्पक्ष पत्रकार नहीं थे, इसलिए महत्वपूर्ण हैं - दिलीप मंडल, संपादक, ईटी हिंदी.कॉम

एसपी जितने बड़े पत्रकार थे, उससे ज्यादा बड़े इंसान थे। - सुप्रिय प्रसाद, न्यूज़ डायरेक्टर, न्यूज़ 24

एस.पी बहुत जीवंत और सहज व्यक्ति थे - दीपक चौरसिया, संपादक (राष्ट्रीय समाचार), स्टार न्यूज़

एस.पी एक ऐसे पत्रकार थे जो पहाड़ से संजीवनी बूटी निकाल लेते थे - अलका सक्सेना, कंसल्टिंग एडिटर, जी न्यूज़

बड़ी मुश्किल होती है जब किसी बेइंतहा करीबी के बारे में लिखना पड़े - चंदन प्रताप सिंह, राजनीतिक संपादक, टोटल टीवी

एस.पी ने जो काम किया वह एक पूरी पीढी के लिए आदर्श और प्रेरणा का स्रोत है. - परंजय गुहा ठाकुरता, वरिष्ठ पत्रकार
एस.पी. जर्नलिज्म में मेरे पितातुल्य - - अंजू पंकज, एंकर, समय



एस.पी.की याद में (मीडिया मंत्र)........


- संजय पुगलिया, संपादक, आवाज
- कमर वहीद नकवी, न्यूज़ डायरेक्टर, आजतक
- दिलीप मंडल, संपादक, ईटी हिंदी.कॉम
- चंदन प्रताप सिंह, राजनीतिक संपादक, टोटल टीवी
- राजेश त्रिपाठी, सन्मार्ग
- परंजय गुहा ठाकुरता, वरिष्ठ पत्रकार
- दीपक चौरसिया, संपादक (राष्ट्रीय समाचार), स्टार न्यूज़
- सुप्रिय प्रसाद, न्यूज़ डायरेक्टर, न्यूज़ 24
- आशुतोष, मैंनेजिंग एडिटर, आईबीएन-7
- अंजू पंकज, एंकर, समय
- अलका सक्सेना, कंसल्टिंग एडिटर, जी न्यूज़


* किसी भी तरह की जानकारी के लिए आप 9999177575 पर संपर्क कर सकते

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