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जमाखोरी सीखाता एक विज्ञापन

Posted On 9:42 pm by विनीत कुमार |

आजकल आपने देखा होगा टीवी पर कि एक बंदा एक या दो किलो प्याज खरीदने जाता है और अचानक उसे सत्य का ज्ञान हो जाने पर स्टोर की पूरी प्याज खरीदने लगता है। लोग उसे पहले तो थोड़ा अचरज से देखते हैं कि अच्छा भला आदमी कैरियर को ठेले के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है और एक भी प्याज नहीं रहने दे रहा। उस बंदे को भी पता है कि जितनी प्याज वो ले जा रहा है उसकी खपत बहुत जल्दी नहीं होने वाली और हम जैसे लोगों के लिए तो रखने की भी समस्या हो सकती है । लेकिन बंदे को जो सत्य का ज्ञान हो आया है उसका क्या करे।
आप पूछेंगे नहीं कि इस बंदे को सत्य का ज्ञान किसने दिया। मैं बताता हूं- वोडाफोन ने, वोडाफोन ने, वोडाफोन ने। वोडाफोन का कोई 31 रुपये का कार्ड है, शायद, दाम में थोड़ी गड़बड़ी हो सकती है। लेकिन बात ये है कि आप उसके इस्तेमाल करने पर जान सकते हैं कि कौन-सी चीजें सस्ती होनेवाली है और कौन- सी मंहगी। यानि कि वोडाफोन आपको बताएगा बाजार की हलचलें। है न आपका जेब का दोस्त। लेकिन फोन करके मेरी मां बता रही थी कि- इ बढ़िया बात थोडे है कि सरकार लोग कहता है जमाखोरी मत करो, जितने से काम चलता है उतना ही अपने घर या दूकान में सामान रखो और इ वोडफोन हमको जमाखोरी सीखा रहा है। टीवी देखके बड़ी मुश्किल से तो इ आदत छूटा था और अब फिर से लगा रहा है।
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2 Response to 'जमाखोरी सीखाता एक विज्ञापन'
  1. Mired Mirage
    http://taanabaana.blogspot.com/2008/01/blog-post_07.html?showComment=1199734020000#c1147378967375254145'> 8 जनवरी 2008 को 12:57 am

    सही कह रही हैं आपकी माँ ।
    घुघूती बासूती

     

  2. राजीव जैन Rajeev Jain
    http://taanabaana.blogspot.com/2008/01/blog-post_07.html?showComment=1199744700000#c3711453638395527465'> 8 जनवरी 2008 को 3:55 am

    का तगडा संदेशबा दे दिए हैं आप
    गजब

     

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