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अरविंद केजरीवाल ने इंडिया न्यूज को लेकर जो ट्वीट किया है, वो उनकी इधर कुछ महीने से मीडिया के प्रति बढ़ी समझदारी के संकेत हैं. लगातार प्रेस कॉन्फ्रेंस और पुरानी रिर्काड के बूते ही सही एक के बाद एक जो वो खुलासे की शक्ल में जो प्रेंस कॉन्फ्रेंस करते आ रहे हैं, उससे कुछ नहीं तो एक बात तो स्पष्ट है कि मीडिया के प्रति उनकी समझदारी और उसके चरित्र को लेकर नजरिया साफ हो रहा है. अब वो ठीक-ठीक समझ पा रहे हैं कि मीडिया लोकतंत्र का चौथा खंभा के बजाय कॉर्पोरेट और सरकार का वो धंधा है जिसमें वो खंभे के बजाय दोधारी तलवार का काम करता है. एक तरफ जनता की साख की हत्या करता है और दूसरी तरफ खूंखार मालिकों को प्रतिरोध करनेवाली ताकतों से रक्षा करता है.

अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया है - इंडिया न्यूज विनोद शर्मा का चैनल हैं, विनोद शर्मा मनु शर्मा के पिता हैं. वही मनु शर्मा जिसने मॉडल जेसिका लाल की हत्या की है. विनोद शर्मा का संबंध कांग्रेस से हैं.

केजरीवाल ने अपनी इस ट्वीट में एक तरह से मीडिया खासकर इंडिया न्यूज की ठीक-ठीक व्याख्या कर दी है कि जिसे आम जनता लोकतंत्र का चौथा खंभा मानकर पूजते आए हैं वो दरअसल सत्ता, राजनीति, अपराधी, कार्पोरेट और यहां तक कि स्वयं पत्रकारों/मीडियाकर्मी की मिली-जुली खेती है जिसका हर हालत में उन्हीं को लाभ मिलना है जो इससे संबद्ध हैं. यहां पत्रकारों को भी इस मालिक के मुनाफे के खएल में शामिल करना औऱ अलग से रेखांकित करना इसलिए भी जरुरी है क्योंकि अब मीडिया संस्थान शेयर के रुप में एक हिस्सा मालिकाना हक भी दे देते हैं ताकि वो लगातार संस्थान के पक्ष में काम करता रहे और अगर नहीं करने की स्थिति की बात करे तो नुकसान सहने के लिए तैयार रहे. इंडिया न्यूज मामले में भी चर्चित चेहरे दीपक चौरसिया को भी इसी बिना पर लाया गया है.

अरविंद केजरीवाल ने इंडिया न्यूज को लेकर ठीक ऐसे समय पर ट्वीट किया है जब ये संस्थान एक के बाद एक चर्चित चेहरे और जिनमे से कुछ तो जेसिका लाल के पक्ष में खबरें करते आए थे, जुटाने शुरु किए हैं. दीपक चौरसिया के साथ-साथ पुण्य प्रसून वाजपेयी के भी यहां आने की खबर की पुष्टि स्वयं दीपक चौरसिया ने न्यूजलॉड्री में अभिनंदन सिकरी को दिए इंटरव्यू में की थी..ये अलग बात है कि वाजपेयी इसे झुठलाते हुए आजतक का दामन थाम लिया. दूसरा कि चुनाव को ध्यान में रखते हुए जब टटपुंजिए चैनल भी ब्यूरों खोलने से लेकर संस्करण बढ़ाने का काम तेजी से कर रहे हैं, ऐसे में इंडिया न्यूज जिसका मालिक ही कांग्रेसी है, क्या आश्चर्य है कि अपने और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए इसे एक तेज हथियार के रुप में तैयार करे. दीपक चौरसिया सहित नई टीम के बनने से लेकर न्यूजx का विलय और विदेशी नेटवर्क से समझौते इसकी कड़ी है. ऐसा करके कुल मिलाकर विनोद शर्मा ने व्यापक रुप से ये संदेश देने का काम किया है कि बात चाहे दीपक चौरसिया की हो या फिर किसी दूसरे मीडिया चर्चित चेहरे की, पैसे के आगे सबको अपना अनुचर बनाया जा सकता है और मीडियाकर्मी ऐसे जटिल शख्स नहीं होते जिन्हें कि मैनेज नहीं किया जा सकता. कल को मनु शर्मा के बाहर आने पर उनके निर्देश पर मीडियाकर्मी स्टोरी गिराने और हेडलाइंस बनाने शुरु कर दें तो कोई आश्चर्य नहीं.

अरविंद केजरीवाल को ये सारी बातें हालांकि काफी बाद में समझ आयी और खासकर तब जब मीडिया ने सरकार के दवाब में आकर उनके आंदोलन की कवरेज न के बराबर कर दी. नहीं तो इससे पहले वो आंदोलन के लोकप्रिय होने में बार-बार न केवल उसी कार्पोरेट मीडिया का शुक्रिया अदा कर रहे थे बल्कि उससे शाबासी भी बटोर रहे थे.याद कीजिए सीएनएन-आइबीएन सम्मान और उस दौरान केजरीवाल के वक्तव्य. केजरीवाल ने हालांकि ये सब स्ट्रैटजी के तहत ही किया था और इस बात का अंदाजा लगा रहे थे कि मीडिया भ्रष्टाचार पर बोलने का मतलब है उससे पंगा लेना और आंदोलन की गति को कम करना लेकिन ऐसा करने के बावजूद उन्हें समझ आ गया कि मीडिया पंगे और दोस्ताना संबंधों पर नहीं "माल" पर चलता है और अगर उनके बजाय कार्पोरेट और सरकार देती रहे तो आंदोलन की दो दिन में हवा निकाली जा सकती है. लेकिन

मौजूदा ट्वीट को एक तरफ तो मीडिया के प्रति केजरीवाल की परिवक्व समझ के रुप में देखा जाना चाहिए,दूसरा कि उस भरोसे के मजबूत होने के भी संकेत हैं कि अगर मेनस्ट्रीम मीडिया ने उन्हें इस रवैये के बाद नकारना भी शुरु कर दिया तो वो सोशल मीडिया और आपसी जनसंपर्क से काम चला लेंगे. ट्वीट के पीछे जो खबर हम तक आ रही है कि केजरीवाल इस चैनल पर बोलने गए थे और उन्हें पहले आश्वस्त कर दिया गया था कि उन्हें भरपूर मौका दिया जाएगा. जो बात उन्होंने ट्वीट की है, वही बात चैनल पर जाकर भी कही है. इसका मतलब है कि चैनलों के बीच उन्होंने ये संदेश दे दिया है कि किसी के भी साथ ऐसा हो सकता है और जाहिर है कि सबकी गर्दन कहीं न कहीं फंसी है. ऐसी स्थिति में मेनस्ट्रीम मीडिया उन्हें पूरी तरह नजरअंदाज भी करती है तो भी लोगों के बीच उनका यकीन पहले के मुकाबले बढ़ेगा और ये यकीन सोशल मीडिया और गली-मोहल्ले की गप्पबाजी के बीच और मजबूत होगी. इसमे कोई शक नहीं कि केजरीवाल ने ऐसा करने बड़ी रिस्क ली है लेकिन एक मॉडल को लांच भी किया है..अगर ये मॉडल सफल हो गया तो मेनस्ट्रीम मीडिया की ताबूत की एक कील साबित होगी. अपनी तमाम बेशर्मी को ढोते हुए मीडिया का ये रुप बरकरार रहेगा लेकिन घटती साख की गति और तेज होगी.
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15 Response to 'दीपक चौरसिया से कहीं ज्यादा मीडिया जागरुक हैं अरविंद केजरीवाल'
  1. Amit Kumar
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361187200432#c1149960370921894210'> 18 फ़रवरी 2013 को 5:03 pm

    Well said bhiya.. :)

     

  2. कमल कुमार सिंह (नारद )
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361188146323#c2612353247601547583'> 18 फ़रवरी 2013 को 5:19 pm

    मेरा कमें क्यों डिलीट कर दिया ? अब ये क्या दिखता है ?

     

  3. कमल कुमार सिंह (नारद )
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361189575387#c3208447248692317308'> 18 फ़रवरी 2013 को 5:42 pm

    बढ़िया लिखा ,लेकिन अरविन्द भी कालिदास से कम नहीं, जो अपने पैरो पे ही अनजाने में कुल्हाड़ी चलाता है, खैर जब अन्ना और राम देव उस पर शंका करने लगे तो अरविन्द पे शंका करना लाजिमी है, दीर्घ नहीं लघु ही सही.अरविन्द की विश्वश्नियता बहुत तेजी से गिरी है वह मिडिया के भरोसे नहीं बल्कि उनक खुद के कार्यो की वजह से, अब ये सबको मालुम है की आज की जागरूक जनता में मिडिया पे निर्भर नहीं, नियू मिडिया ने नया आयाम खोला है

     

  4. Saurabh Chatterjee
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361190816769#c7783621869888483079'> 18 फ़रवरी 2013 को 6:03 pm

    बहुत ही शानदार लिखा है|

     

  5. Vikash
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361193434255#c591137345873214896'> 18 फ़रवरी 2013 को 6:47 pm

    bilkul sataya vachan likha hai aapne

     

  6. ई. प्रदीप कुमार साहनी
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361216809413#c3431948453658404886'> 19 फ़रवरी 2013 को 1:16 am

    आपकी इस उत्कृष्ट पोस्ट की चर्चा बुधवार (20-02-13) के चर्चा मंच पर भी है | जरूर पधारें |
    सूचनार्थ |

     

  7. sujeet
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361245242657#c589328959036692387'> 19 फ़रवरी 2013 को 9:10 am

    Log Arvind ko dosh dete hai, mujhe lagta hai log aaj tak ussko pahachan nahi paye...........jab tak aap usske saath kam nahi karoge tab tak aap usse jaan nahi pawoge.

     

  8. Shivaji
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361251836810#c3474290949042957132'> 19 फ़रवरी 2013 को 11:00 am

    Koi to Hai Jo Media pe Bol Sakta hai,

     

  9. brij kaushal
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361252648776#c7662461579817391706'> 19 फ़रवरी 2013 को 11:14 am

    Arvind Kejriwal ke bare media ke rukh ko aapne sahi pehchana hai,bikne wale Deepak chorasia jaise reporter jyada din tak screen par najar nahin ayenge .Janta ab samajhane lagi hai kejriwal theek kar raha hai

     

  10. प्रवीण पाण्डेय
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361260823404#c2056904708299782824'> 19 फ़रवरी 2013 को 1:30 pm

    खबरें तो उन्मुक्त बहेंगी, जल को कोई रोक पाया है भला..सुन्दर और तथ्यात्मक आलेख।

     

  11. chirag yadav
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361261304391#c326611565136716063'> 19 फ़रवरी 2013 को 1:38 pm

    bahot der se jaage sir ji mai to ye tab hi samaz gaya tha jab yahi media ne bevajah kejrival aur anna ko hero banaya aur issi tarah pure 20 dino tak sirf inki mala japi thi ab kya kare paisa khtam ho gaya choro ke pas......

     

  12. minx
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361267215415#c5154395078720808550'> 19 फ़रवरी 2013 को 3:16 pm

    well said.. great article

     

  13. dr.mahendrag
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361277124453#c5988432713023689318'> 19 फ़रवरी 2013 को 6:02 pm

    सभी चैनल आज बिक़े हैं,समाचारों की जो मिट्टी पलीद इन्होने की है वोह पहले कभी नहीं हुई ,दूरदर्शन भी सरकारी भोपूं है,जनता के पास असली खबर आती ही नहीं.इनका काम आज जनता को बरगलाने का रह गया है,अपने उतर्दयितव क से यह भटक चुकें हैं.पैसा ही सब कुछ रह गया है,गत दिनों एक चैनल की पोल सामने आ ही चुकी है जिसका सच अब कोर्ट में सामने आ जायेगा.

     

  14. rk
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361419800941#c4478689831967038824'> 21 फ़रवरी 2013 को 9:40 am

    Jo log arvind ji ko dosh dete hai wo apne andar bhi jhak kar dekhna chaiye.

     

  15. rk
    http://taanabaana.blogspot.com/2013/02/blog-post_18.html?showComment=1361419879833#c1266151208581689115'> 21 फ़रवरी 2013 को 9:41 am

    Jo log arvind ji ko dosh dete hai wo apne andar bhi jhak kar dekhna chaiye.

     

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